Mohit-Trendster

छूटी डोर (कहानी) 2017 #trendybaba #mohitness

Feb 16th, 2017
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  1. Thursday, February 16, 2017
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  3. छूटी डोर (कहानी)
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  6. हिन्दी, अंग्रेजी साहित्य के बहुत बड़े समीक्षक-आलोचक, अनुवादक श्री अनूप चौबे का टी.वी. साक्षात्कार चल रहा था। साक्षात्कारकर्ता अनूप के पुराने मित्र नकुल प्रसाद थे। कुछ सवालो बाद नकुल को एक बात याद आ गई और अपने साथ लाये सवालो के बीच उन्होंने एक सवाल रखा।
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  8. "आपने पहले कई बार अपना उपन्यास, कथा/काव्य संग्रह लिखने की मंशा मुझसे साझा की थी। उस बारे में कुछ बताएं?"
  9.  
  10. हालाँकि, यह इंटरव्यू लाइव नहीं था पर चौबे जी असहज हो गए। कुछ संभलने के बाद उन्होंने फिर बोलना शुरू किया।
  11.  
  12. "वर्षो तक एक के बाद एक ना जाने कितनी कहानियों, कविताओं और उपन्यासों को पास से देखा। कई बार तो किसी रचना के लेखक, कवि से अधिक उस रचना के साथ समय बिताया। दूसरो के गढ़े काल्पनिक जगत में गलतियां, कमियां निकालने का जूनून पता नहीं कब आदत में बदल गया। एक समीक्षक की तरह लिखना या अनुवाद करना अलग है पर जब भी लेखक की तरह कुछ लिखता हूँ तो मेरी यह आदत किसी मीनिया की तरह मेरा पीछा करती है। अपनी कल्पना के कुछ वाक्य पूरे करते ही मन उनपर अपना नकारात्मक फरमान सुना देता है। अपना लिखा मेरी नज़र से कभी पास हो ही नहीं पाता है जो किसी और तक पहुँच पाये। कभी-कभी तो रात में उठकर पिछले दिन लिखे पन्ने फाड़े हैं ताकि चैन से सो सकूँ।"
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  14. नकुल प्रसाद - "ओह! क्षमा चाहता हूँ! मुझे यह स्थिति पता नहीं थी। आप चिंता मत कीजिये, मैं वो सवाल और आपकी प्रतिक्रिया एडिट करवा दूंगा।"
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  16. अनूप चौबे - "कोई बात नहीं...अगर मैंने यह क्षेत्र ना चुना होता तो शायद मैं अच्छा साहित्य लिख पाता क्योकि सच कहूँ तो रचना की अपूर्णता, उसकी कमियां ही उसका साज-श्रृंगार हैं। ऐसी बातें ही रचना की एक अलग छाप बनाती हैं। आपने देखा होगा कैसे कोई अपने चेहरे की कमी बताता है और उसकी वही चीज़ जिसे वह कमी मानता है अक्सर लोगो को पसंद आती है। सबसे बड़ी रचनाकार प्रकृति जो हमे मरते दम तक अपनी कलाकृतियों से विस्मित करती है, में पूर्णता से दूर अनगिनत छूटी डोर हैं। साहित्य में सामाजिक दायरे की फ्रीक्वेंसी पर सेट दिमागी पैमाने को संतुष्ट करना असंभव है। चलिए कोई बात नहीं, यह जन्म इस रोल में ही सही..."
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  18. समाप्त!
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  20. - मोहित शर्मा ज़हन
  21. Read सुविधानुसार न्यूक्लीयर परिवार (कहानी)
  22. Posted by Mohit Sharma at 2:22 PM
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  29. Labels: Experimental, Fiction, Freelance Talents, Hindi, Life, Message, Mohit (Trendster), Mohitness, Story, Writing, मोहित शर्मा ज़हन
  30. Location: Lucknow, Uttar Pradesh, India
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