Mohit-Trendster

दयातलोव पास घटना - मोहित शर्मा ज़हन #mohitness

Oct 2nd, 2014
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  1. दयातलोव पास घटना (Dyatlov Pass Incident) के बारे में जितने तथ्य पता चलते उतनी ही यह दुखद पर हद से ज़्यादा रोचक गुत्थी उलझती चली जाती है। यूरल पहाड़ो की चढ़ाई करते अनुभवी पर्वतारोहियों की रहस्यमय मौतें और काफी बड़े घटनास्थल का अजीब दृश्य जिसको देख कर ऐसा लगता है की ये अनुभवी ना होकर नौसिखिये या पहाड़ो से अनजान लोग थे। उनके टेंट को अंदर से काटा गया जैसे किसी बड़ी मुसीबत से बचने के लिए पर्वतारोही भागे हों। कुछ लाशो पर बाहर चोट निशान नहीं पर अंदर से हड्डियाँ टूटी हुई।
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  3. उनके कैमरे का आखरी फ़ोटो जिसमे एक यति मानव सी छवि है, कुछ लाशों पर रेडिएशन के निशान जिस से उनकी खाल नारंगी और बाल सफ़ेद हो गये। पास ही एक पेड़ पर कुरेदा गया की "अब हमे पता है हिम मानव होते है।" यह अमेरिका और पूर्व सोवियत संघ के शीत युद्ध दौर की बात है। कई थिओरीज़ सोची गयी पर इतनी जटिल बातें है सीन पर की कोई थ्योरी फूलप्रुफ नहीं जमती।
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  5. कुछ काल्पनिक किताबें और एक फिल्म आई है इसपर आधारित। पिछले २-३ दिनों से इसी से ओब्सेसड हूँ। सोवियत संघ के जांचकर्ताओं के कुछ बातें छुपाई भी जिनमे प्रमुख है 9 की जगह 11 लाशों का मिलना पर 2 लाशें तुरंत ही उच्च प्रशासन के आदेश से घटना से हटा दी गयी। सबसे बड़ा मत यह है की इन दुर्भाग्यशाली लोगो ने सरकार की कोई गुप्त जगह या कोई राज़ जान लिया जिस वजह से इन्हे एक संघर्ष में मार दिया गया, मुख्य बात यह है की रूस काफी बड़ा देश है तो अगर वो स्वयं शामिल होते तो वीरान पहाड़ की घटना आराम से दबा सकते थे वो भी उस समय 1959 में, दूसरा अगर घटना सामने आती भी तो इतनी डिटेल्स पब्लिक ना होने देता सोवियत संघ। तीसरा इस केस में अपनी नाकामी उस उन्नत देश ने खुद मानी जो उस वर्ष इंसान को अंतरिक्ष में भेज चुका था, तो थोड़ा संदेह होता है इस थ्योरी पर। इस केस पर थोड़ा समय दें, जाया नहीं जाएगा।
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  7. - मोहित ज़हन #trendster #trendybaba #mohitness #freelance_talents
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