Mohit-Trendster

nazm

Feb 3rd, 2018
109
0
Never
Not a member of Pastebin yet? Sign Up, it unlocks many cool features!
text 3.12 KB | None | 0 0
  1. Saturday, February 3, 2018
  2. नये उपन्यास में नज़्म
  3.  
  4.  
  5. शुभानंद कृत मास्टरमाइंड (जावेद, अमर, जॉन सीरीज) नॉवेल में प्रकाशित नज़्म।
  6.  
  7.  
  8.  
  9. अभी तो सिर्फ मेरी मौजूदगी को माना,
  10. दिमाग में दबे दरिन्दों से मिलकर जाना।
  11. तुझे तड़पा-तड़पा कर है खाना,
  12. पीछे दरिया रास्ता दे तो चले जाना।
  13.  
  14. कभी किसी की चीख से आँखों को सेका है?
  15. कभी बच्चे का जिस्म तेज़ाब से पिघलते देखा है?
  16. अभी वक़्त है...रास्ते से हट जाओ,
  17. किसी का दर्द दिखे तो पलट जाओ।
  18. जिसकी दस्तक पर दिलेरी दम तोड़ती है...
  19. मौत से नज़रे मत मिलाओ!
  20.  
  21. क़ातिल आँधियों मे किसका ये असर है?
  22. दिखता क्यों नहीं है हवा मे जो ज़हर है?
  23. चीखें सूखती सी कहाँ मेरा बशर है?
  24. ये उनका शहर है...
  25.  
  26. धुँधला आसमां क्यों शाम-ओ-सहर है?
  27. आदमख़ोर जैसा लगता क्यों सफ़र है?
  28. ढ़लता क्यों नहीं है ये कैसा पहर है?
  29. ये उनका शहर है...
  30.  
  31. जानें लीलती है ख़ूनी जो नहर है.
  32. माझी क्यों ना समझे कश्ती पर लहर है?
  33. हुआ एक जैसा सबका क्यों हश्र है?
  34. ये उनका शहर है...
  35.  
  36.  
  37.  
  38. रोके क्यों ना रुकता...हर दम ये कहर है?
  39. है सबके जो ऊपर..कहाँ उसकी मेहर है?
  40. जानी तेरी रहमत किस्मत जो सिफर है!
  41. ये उनका शहर है....
  42.  
  43. इंसानों को तोले दौलत का ग़दर है!
  44. नज़र जाए जहाँ तक मौत का मंज़र है!
  45. उजड़ी बस्तियों मे मेरा घर किधर है?
  46. ये उनका शहर है...
  47. =======
  48. #ज़हन
  49.  
  50. हाल ही में आयोजित सूरज पॉकेट बुक्स कार्यक्रम में यह नज़्म मंच पर पढ़ी।
  51.  
  52.  
  53. Posted by Mohit Sharma at 1:30 AM
  54. Email This
  55. BlogThis!
  56. Share to Twitter
  57. Share to Facebook
  58. Share to Pinterest
  59.  
  60. Labels: Art, Book, Event, Mohit (Trendster), Mohit Sharma Poet, Mohitness, nazm, Novel, Shubhanand, Sooraj Pocket Books, Update, मोहित शर्मा ज़हन
  61. Location: New Delhi, Delhi, India
Add Comment
Please, Sign In to add comment