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- Tuesday, February 6, 2018
- बच्चों के लिए शिक्षाप्रद कहानी #3 - सामान्य जीवन (नींव पत्रिका में प्रकाशित)
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- बीनू बंदर अपने घर में सबका लाडला था। उसकी हर तरह की ज़िद पूरी की जाती थी। उसका परिवार भारत के उत्तराखण्ड प्रदेश स्थित जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय पार्क में रहता था। जंगल में अन्य युवा बंदर ऊँचे से ऊँचे पेड़ों पर लटकने, चढ़ने का अभ्यास करते रहते थे। वहीं बीनू को यह सब रास नहीं आता था। किसी के टोकने पर बीनू कहता कि जंगल के बाकी जीवों की तरह हमें सामान्य जीवन जीना चाहिए। उनकी तरह धरती पर विचरण करना चाहिए। छोटा और गुस्सैल होने के कारण कोई उसे अधिक टोकता भी नहीं था। एक बार वर्षा ऋतु में जंगल के बड़े हिस्से में बाढ़ आ गयी। बंदर समुदाय ने कई जीवों की जान बचायी जबकि बीनू मुश्किल से अपनी जान बचा पाया।
- बीनू निराश था कि वह अन्य बंदरों की तरह जंगल के जानवरों की मदद नहीं कर पा रहा था। बाढ़ का पानी सामान्य होने के बाद बीनू के माता-पिता ने उसे समझाया। हर जीव की कुछ प्रवृत्ति होती है, जो उसके अनुसार सामान्य होती है। संभव है अन्य जीवों के लिए जो सामान्य हो वह तुम्हारे लिए ना हो। इस घटना से बीनू को अपना सबक मिला और वह तन्मयता से पेड़ों पर चढ़ना और लटकना सीखने में लग गया।
- समाप्त!
- Posted by मोहित शर्मा ज़हन at 7:26 AM
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- Labels: Children, Fiction, Freelance Talents, Magazine, Mohit (Trendster), Mohitness, moral story, Published, Story, मोहित शर्मा ज़हन
- Location: Noida, Uttar Pradesh, India
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