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- Sunday, March 26, 2017
- तेरे प्यार के बही-खाते...(नज़्म) #ज़हन
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- जुबां का वायदा किया तूने
- कच्चा हिसाब मान लिया मैंने,
- कहाँ है बातों से जादू टोना करने वाले?
- तेरी कमली का मज़ाक उड़ा रहे दुनियावाले...
- रोज़ लानत देकर जाते,
- तेरे प्यार के बही-खाते...
- तेरी राख के बदले समंदर से सीपी मोल ली,
- सुकून की एक नींद को अपनी 3 यादें तोल दी।
- इस से अच्छा तो बेवफा हो जाते,
- कहीं ज़िंदा होने के मिल जाते दिलासे।
- जाने पहचाने रस्ते पर लुक्का-छिपी खिलाते,
- तेरे प्यार के बही-खाते...
- फिर तेरे हाथ पकड़ आँगन से आसमान तक लकीरें मिला लूँ,
- दिल पर चेहरा लगा कर नम नज़रों से तेरा सीना सींच दूँ...
- पीठ पीछे हँसने वालो के मुँह पर मंगल गा लूँ,
- इस दफा फ़रिश्ते लेने आयें...तो पीछे से टोक लगा दूँ।
- काश अगले जन्म तक बढ़ पाते,
- तेरे प्यार के बही-खाते...
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- Last Nazm in Kavya Comic Jug Jug Maro
- Posted by Mohit Sharma at 6:12 PM
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- Labels: Experimental, Freelance Talents, Hindi, Kavya Comic, Mohit Sharma Trendster, Mohitness, nazm, Poems, Published, Urdu, ज़हन
- Location: Lucknow, Uttar Pradesh, India
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